आत्मनिरीक्षण | Atmanirikshan

60.00

Authorश्री स्वामी विवेकानंद जी परिव्राजक
Editor / Translator Nameडॉ राधावल्लभ जी चौधरी
Writer Nameस्वामी विवेकानंद जी परिव्राजक
Publisher NameDARSHAN YOG DHARMARTH TRUST (ROJAD)
LanguageHindi
No. of Pages96
ISBN978-81-936179-4-6
Size14 CM X 22 CM
Book Details:
  • Author: Swami Vivekananda Parivrajak
Description
अध्यात्म मार्ग में शीघ्र उन्नति करने हेतु आत्मनिरीक्षण एक महत्वपूर्ण कार्य है । आत्मनिरीक्षण क्या है ? आत्मनिरीक्षण कितने प्रकार के हैं ? आत्मनिरीक्षण के पूर्व कैसी तैयारी करनी चाहिये ? आत्मनिरीक्षण करने से लाभ ? और न करने से हानियाँ ? आत्मनिरीक्षण करने की विधि क्या है ? क्या आत्मनिरीक्षण में हमें सिर्फ दोषों को देखना चाहिए, गुणों को नहीं ? आदि-आदि विषयों पर स्वामी विवेकानंद जी द्वारा प्रकाश डाला गया है ।
लेखक :-  श्री स्वामी विवेकानंद परिव्राजक
सम्पादक :- डॉ . राधावल्लभ
विभाग :- आध्यात्मिक  विज्ञान
आकार (cm) :- 14×22 (डेमी16 पेजी साइज़)
पृष्ठ :- 96
वजन :- लगभग 160 ग्राम
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