योग महाविज्ञान
Yoga Mahavigyan

Original price was: ₹695.00.Current price is: ₹600.00.

 

AUTHOR:Dr. Kamakhya Kumar (डॉ. कामाख्या कुमार)
PUBLISHER:STANDARD PUBLISHERS
LANGUAGE:HINDI
EDITION:2011
ISBN:978-81-87471-592
PAGES:269
COVER:HARDCOVER
WEIGHT450 GM

 

Book Details:
  • Author: Dr. Kamakhya Kumar
  • Publication: STANDARD PUBLISHERS INDIA

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Description

प्रस्तावना

योग विद्या भारतीय संस्कृति के सुदृढ़ आधार स्तम्भों में से एक है । योग के द्वारा जहाँ भारतीय संस्कृति के दार्शनिक पक्ष की पुष्टि हुई है वहीं इसके द्वारा मनुष्य में आध्यात्मिक प्रवृत्ति का भी विकास हुआ है । गीता के आठवें अध्याय के बारहवें श्लोक के अर्थ को देखकर इसकी व्यापकता एवं जटिलता का पता चलता है, जिसमं कहा गया है कि योग की स्थिति सभी ऐन्द्रिय व्यापारों से विरक्ति में है । इन्द्रियों के सारे द्वारों को बन्द करके तथा मन को हृदय में एवं प्राण वायु को सिर की चोटी पर स्थिर करके मनुष्य अपने को योग में स्थापित करता है । मनुष्य को योग में सफलता या सिद्धि केवल तब मिलती है

जब वह योग के सिद्धातों को व्यावहारिक रूप देकर उन्हें जीवन में उतार कर आत्मसात करे । योग महाविज्ञान आज की इसी आवश्यकता की पूर्ति करने में सहायक ग्रंथ है । वेद, उपनिषद् गीता एवं अन्य पुराणों में वर्णित योग विद्या के जटिल पहलुओं को प्रकाश में लाने के साथ साथ व्यावहारिक जीवन के योग का जो स्वरूप प्रस्तुत किया गया है इसके लिये डॉ. कामाख्या कुमार जी को मैं हृदय से साधुवाद देता हूँ तथा उनकी इस रचना को एक अनुपम कृति मानता हूँ ।

भारतीय ऋषि परंपरा ने जन जन के लिये प्रेरणादायी मार्ग दर्शक की भूमिका निभाई है । योगियों संतों ने जीवन साधना के जो सूत्र सिखाए वह सब उन्होंने अपने जीवन की कसौटी पर कसने के बाद ही दिए । उनकी जीवनीयों के माध्यम से योग के विभिन्न पहलुओं को जानने समझने में सहायता मिलती है । प्रस्तुत पुस्तक प्राचीन एवं समकालीन योगियों की साधना एवं उनके सिद्धांतों को प्रतिपादित करने में भी अपनी महती भूमिका निभाता है ।

पुस्तक में दार्शनिक एवं व्यावहारिक पहलुओं का जिस सतर्कता से समावेश किया गया है जिससे इसे पाठ्य पुस्तक के रूप में भी विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा ग्रहण किया जा सकता है । जिन  विश्वविद्यालयों में योग के स्नातक एवं परास्नातक स्तर के पाठ्यक्रम चल रहे हैं वहाँ के शिक्षकों एवं छात्रों के लिए यह निश्चित रूप से योग महाविज्ञान एक उपयोगी पुस्तक सिद्ध होगी, ऐसी आशा है ।

विषय सूची
प्रस्तावना7
आत्मकथ्य9
भाग 1 योग का ऐतिहासिक अध्ययन
1योग का अर्थ एवं परिभाषा19
2योग का उद्गम27
3योग की परम्पराएँ31
4योग अध्ययन का उद्देश्य36
5मानव जीवन में योग का महत्व40
6योगी का व्यक्तित्व45
7योग का महत्व49
8वेदों में योग विद्या53
9उपनिषदों में योग का स्वरूप58
10योग वाशिष्ठ में योग का स्वरूप64
11गीता में योग का स्वरूप71
12पुराणों में योग का स्वरूप76
13जैन दर्शन में योग का स्वरूप82
14बौद्ध दर्शन में योग का स्वरूप87
15वेदान्त दर्शन में योग का स्वरूप91
16सांख्य दर्शन में योग का स्वरूप95
17आयुर्वेद में योग का स्वरूप99
18राजयोग103
19कर्म योग108
20भक्ति योग114
21हठयोग119
22पातंजल योग124
23ज्ञान योग129
24मंत्र योग134
भाग 2 प्राचीन व समकालीन योगियों की जीवनी
1महर्षि पतंजलि141
2महर्षि वशिष्ठ146
3महर्षि याज्ञवल्क्य150
4आदि गुरु शंकराचार्य155
5महात्मा बुद्ध159
6योगीराज गोरखनाथ164
7स्वामी रामकृष्ण परमहंस168
8स्वामी दयानन्द171
9श्री अरविंद176
10पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य179
11स्वामी शिवानन्द183
12स्वामी कुवलयानन्द187
13परमहंस स्वामी सत्यानन्द सरस्वती190
भाग 3 योग चिकित्सा
1स्वस्थ व्यक्तियों के लिए योगाभ्यास197
2बच्चों एवं किशोरों के लिए योग198
3महिलाओं के लिए योगाभ्यास199
4वृद्धों के लिए योगाभ्यास200
5अनिद्रा व तनाव के रोगियों के लिए योग201
6अवसाद के रोगियों के लिए योगाभ्यास202
7उच्च रक्तचाप एवं योगाभ्यास204
8हृदय रोग एवं योगाभ्यास205
9मधुमेह एवं योगाभ्यास207
10मोटापा एवं योगाभ्यास209
11दमा एवं योगाभ्यास211
12कब्ज अपच एवं योगाभ्यास212
13अर्थराइटिस एवं योगाभ्यास213
14ग्रीवादंश कमर दर्द एवं योगाभ्यास215
15माइग्रेन का योगापचार216
16सायनस का योगोपचार217
भाग 4 योगाभ्यास विधि
1योगाभ्यास हेतु सामान्य निर्देश221
2संधि संचालन के अभ्यास223
3उदर संचालन के अभ्यास230
4शक्ति बंध के अभ्यास233
5विशेष अभ्यास236
6सूर्य नमस्कार239
7ध्यानात्मक आसन245
8शरीर संवर्धनात्मक आसन246
9शवासन251
10प्राणायाम विधियाँ253
11षट्कर्म257
12सोऽहम् साधना259
13योग निद्रा260
अनुक्रमणिका264
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