योग-विज्ञानम् (योग के गूढ़ रहस्यों का दार्शनिक व वैज्ञानिक विवेचन)
Yog Vijnanam

Original price was: ₹500.00.Current price is: ₹450.00.

Book Details:
  • Author: Acharya Balkrishan
  • Language: Hindi
  • Pages: 222
  • Edition: 2017
  • Cover: Paperback
  • ISBN: 9789385721540
  • Weight: 540 Gms.
Description

‘योग-विज्ञानम्’ एक बेजोड़ ग्रंथ है जो योग के व्यापक ज्ञान को शास्त्रीय ढंग से स्पष्ट करता है। इसे संस्कृत के श्लोकों में बहुत खूबसूरती से पिरोया गया है, साथ ही इसका सरल अंग्रेजी अनुवाद भी दिया गया है। इस ऐतिहासिक पुस्तक के रचयिता पूज्य आचार्य बालकृष्ण हैं। उन्हें आयुर्वेद की गहरी समझ है और वे योग के एक प्रकांड विद्वान तथा साधक हैं। उन्होंने प्राचीन वैदिक परंपरा के अनुसार योग के वास्तविक स्वरूप को प्रस्तुत किया है और आधुनिक मानदंडों के अनुरूप इसे वैज्ञानिक रूप से भी प्रमाणित किया है।

यह ग्रंथ पहली बार अत्यंत वैज्ञानिक और सूक्ष्म ढंग से शरीर की संरचना, इंद्रियों, मन, आत्मा और प्राण-ऊर्जा आदि से जुड़े पहलुओं का वर्णन करता है। इसके साथ ही इसमें तंत्रिका तंत्र; इड़ा, पिंगला और सुषुम्ना नाड़ियों—उनका परिचय और कार्य; तथा प्राण-ऊर्जा पर निर्भर मस्तिष्क की तरंगों (ब्रेन वेव्स) और उनके प्रभावों आदि का भी विस्तृत ज्ञान दिया गया है।

यह ग्रंथ अष्टचक्रों के स्वरूप, उनमें ऊर्जा के ऊर्ध्वगामी प्रवाह और पंचकोशों के विषय में अत्यंत स्पष्टता से वर्णन करता है। इस ग्रंथ में ध्यान और समाधि की उच्च अवस्थाओं का, तथा तीनों प्रकार के दुखों से स्वयं को मुक्त करने के मार्ग का विस्तृत विवेचन किया गया है। योग के समग्र और वैज्ञानिक पहलुओं का वर्णन करने वाला यह विशेष ग्रंथ समस्त मानव जाति के लिए अत्यंत उपयोगी है। मुझे आशा है कि इस ग्रंथ के प्रचार-प्रसार से ‘योग-क्रांति’ को एक नई गति और ऊर्जा प्राप्त होगी। कामना है कि प्रत्येक मनुष्य एक सुखी और शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत करे!

स्वामी रामदेव

Reviews (0)

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “योग-विज्ञानम् (योग के गूढ़ रहस्यों का दार्शनिक व वैज्ञानिक विवेचन)
Yog Vijnanam”

Your email address will not be published. Required fields are marked *


About Acharya Balkrishan
आचार्य बालकृष्ण का दिव्य साहित्य आधुनिक विज्ञान और आयुर्वेद का अद्भुत संगम आज के आधुनिक युग में जहाँ हम वापस अपनी जड़ों की ओर लौट रहे हैं, वहीं आयुर्वेद और योग के क्षेत्र में आचार्य बालकृष्ण जी का योगदान किसी मील के पत्थर से कम नहीं है। उनके द्वारा रचित पुस्तकें केवल कागज़ का संकलन नहीं, बल्कि वर्षों के गहन अनुसंधान (Research) और वैज्ञानिक प्रमाणों (Scientific Evidence) का निचोड़ हैं।

वैज्ञानिक अनुसंधान पर आधारित साहित्य

आचार्य श्री की लेखनी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उनकी प्रत्येक पुस्तक वैज्ञानिक प्रमाणों (Scientific Proofs) के साथ आती है। वे केवल प्राचीन ज्ञान को दोहराते नहीं हैं, बल्कि उसे आधुनिक प्रयोगशालाओं में परीक्षित कर, वैज्ञानिक तथ्यों के साथ पाठकों के सामने रखते हैं। यही कारण है कि उनकी पुस्तकें आज के शिक्षित और तार्किक समाज के बीच अत्यंत लोकप्रिय हैं।

योग और आयुर्वेद का खोजपूर्ण संकलन

आचार्य बालकृष्ण जी की पुस्तकें आयुर्वेद, जड़ी-बूटी और योग के रहस्यों को उजागर करती हैं। उनके साहित्य में निम्नलिखित बिंदु प्रमुखता से मिलते हैं:- अद्भुत और खोजपूर्ण सामग्री: उनकी पुस्तकें दुर्लभ जड़ी-बूटियों और उनके गुणों पर आधारित हैं, जो सदियों पुराने ज्ञान को सरल भाषा में उपलब्ध कराती हैं। प्रमाणिक उपचार: 'विश्व आयुर्वेद कोष' (World Herbal Encyclopedia) जैसे महान ग्रंथ इस बात का प्रमाण हैं कि उन्होंने आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दी है। स्वस्थ जीवन का मार्ग: योग और प्राणायाम पर उनकी पुस्तकें केवल क्रियाएँ नहीं सिखातीं, बल्कि उनके शरीर पर होने वाले सूक्ष्म प्रभावों की वैज्ञानिक व्याख्या भी करती हैं।

स्वाध्याय: जीवन परिवर्तन की कुंजी

कहा जाता है कि अच्छी पुस्तकें हजारों मित्रों के बराबर होती हैं। आचार्य जी के साहित्य का स्वाध्याय (Self-study) करना हर उस व्यक्ति के लिए अनिवार्य है जो प्राकृतिक चिकित्सा और भारतीय संस्कृति में विश्वास रखता है।"आचार्य बालकृष्ण जी का साहित्य पढ़ने का अर्थ है—अपने शरीर, मन और स्वास्थ्य को गहराई से समझना।" यदि आप अपने जीवन में पूर्ण स्वास्थ्य और वैचारिक स्पष्टता चाहते हैं, तो आचार्य बालकृष्ण जी की पुस्तकों को अपने पुस्तकालय का हिस्सा अवश्य बनाएँ। उनकी पुस्तकें न केवल ज्ञान का भंडार हैं, बल्कि एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण का आधार भी हैं।
Shipping & Delivery