वेदों में ईश्वर का स्वरुप Vedon Me Ishwar ka swaroop
₹260.00 Original price was: ₹260.00.₹230.00Current price is: ₹230.00.
- Author: Ved Prakash
- Language: Hindi
- Pages: 247
- Edition: 2018
- Cover: Hard Cover
- ISBN: 9788170772819
- Weight: 424 Gms.
वेदों में ईश्वर का स्वरुप
‘ईश्वर के यथार्थ स्वरूप को जानने के लिए वेदों का आधार लेना ही क्यों आवश्यक है ?’ इस अत्यंत महत्वपूर्ण तथ्य को ध्यान में रखना अनिवार्य है, क्योंकि यदि विद्या का स्रोत प्रामाणिक नहीं होगा तो ज्ञान के दूषित होने की सम्भावना बनी रहती है।
ईश्वर का स्वरूप अभौतिक होने के कारण, भौतिक इन्द्रियों से इसका ग्रहण सम्भव नहीं है, अतः ईश्वर की प्रत्यक्ष प्रमाण द्वारा सिद्धि नहीं हो सकती । अनुमान प्रमाण, प्रत्यक्ष का अनुगामी होता है, इसलिए जिस वस्तु का प्रत्यक्ष नहीं हो सकता, उसकी अनुमान प्रमाण से भी सिद्धि असम्भव है। ईश्वर अद्वितीय व अनुपम होने के कारण, उसकी उपमा देने के लिए कोई अन्य वस्तु है ही नहीं, इस कारण उपमान प्रमाण भी अप्रयोज्य है।
अतः ईश्वर की प्रामाणिक सिद्धि केवल ‘शब्द’ प्रमाण द्वारा ही सम्भव है। अध्यात्म विद्या के क्षेत्र में, शब्द प्रमाण के रूप में सर्वाधिक प्रसिद्ध, मान्य और निर्भात वेद ही हैं। वेदों में जैसा ईश्वर विषयक वर्णन व आख्यान उपलब्ध है, वैसा संसार की किसी भी अन्य ग्रन्थ में नहीं है, इसीलिए सभी ऋषियों-महर्षियों ने इसे ही शब्द प्रमाण माना है।
Reviews
There are no reviews yet.