वैदिक नारी Vedic Nari
₹100.00
- Author: Acharya Dr. Ramnath Vedalankar
- Language: Hindi
- Pages: 211
- Edition: 2017
- Cover: Paperback
- ISBN: 9788170772484
- Weight: 245 Gms.
वैदिक नारी (Vedic Nari)
हमारे देश में मध्यकाल में बहुत समय तक नारी उपेक्षित तथा अपमानित रही है। इस काल में जो साहित्य रचा गया उसमें भी नारी को निन्दनीय तथा नीचा दिखाने का प्रयत्न किया गया। उसे शिक्षा के अधिकार से वंचित रखा गया।
किन्तु आज युग बदल गया है। तदनुसार नारी-समाज में भी जागृति आयी है। महर्षि दयानन्द ने अन्य समाज सुधारकों के साथ नारी जाति की दशा सुधारने में भी बड़ा योगदान किया था। एक प्रश्न यह उत्पन्न होता है कि परिस्थितियों ने नारी को कितना ही प्रताड़ित किया हो, पर नारी की स्थिति के विषय में हमारे वेद क्या कहते हैं?
यह देखकर एक सुखद सन्तोष होता है कि वेदों में नारी की स्थिति अत्यन्त गौरवास्पद वर्णित हुई है। वेद में नारी देवी है, विदुषी है, वीरागंना है, वीरों की जननी है, आदर्श माता है, कर्त्तव्यनिष्ठ धर्मपत्नी है, घर की सम्राज्ञी है, सन्तान की प्रथम शिक्षिका है, उपदेशिका बनकर सबको सन्मार्ग बतानेवाली है, जग में सत्य और प्रेम का प्रकाश फैलानेवाली है। वेदों में नारी पूज्य है, स्तुति-योग्य है, रमणीय है, सुशील है, बहुश्रुत है, यशोमयी है।
वेदों में नारी का जो स्वरूप प्रतिबिम्बित हुआ है उसी की झाँकि देने के लिए यह पुस्तक लिखी गयी है।
Reviews
There are no reviews yet.