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ऋषि दयानंद का क्रांतिकारी चिंतन Rishi Dayanand Krantikari Chintan
₹50.00
| AUTHOR: | Dr. Bhavanilal Bharatiya (डॉ. भवानीलाल भारतीय) |
| SUBJECT: | Rishi Dayanand Krantikari Chintan | ऋषि दयानंद का क्रांतिकारी चिंतन |
| CATEGORY: | Swami Dayanand Granth |
| LANGUAGE: | Hindi |
| EDITION: | 2026 |
| PAGES: | 80 |
| ISBN: | 9788198410054 |
| PACKING: | Paperback |
| WEIGHT: | 95 g. |
Description
ऋषि दयानन्द का क्रान्तिकारी चिन्तन
पुस्तक के बारे में
“ऋषि दयानन्द का क्रान्तिकारी चिन्तन” पुस्तकं में आर्यसमाज के संस्थापक महर्षि दयानन्द के उन दस स्वर्णिम सूत्रों का सार प्रस्तुत किया गया है, जिन्होंने भारतीय समाज में वैचारिक क्रान्ति का सूत्रपात किया। सत्य की निर्भीक उद्घोषणा, वेदों की ओर लौटने का आह्वान, अन्धविश्वास का खण्डन, नारी शिक्षा, सामाजिक समानता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण ये सभी सिद्धान्त आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उस समय थे।
यह पुस्तक सरल भाषा में उनके विचारों को आधुनिक सन्दर्भों से जोड़ते हुए पाठकों को आत्मचिन्तन और सामाजिक जागरण की प्रेरणा देती है।
Additional information
| Weight | 95 g |
|---|---|
| Author | Dr. Bhavanilal Bharatiya |
| Language | Hindi |
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