मनुस्मृति को जानें
Manusmriti Ko Jane

120.00

Book Details:
  • Author: Dr. Surendra Kumar, Dr. Vivek Arya
  • Language: Hindi
  • Publication: Bharatiya Hindu Shuddhi Sabha
  • Pages: 100
  • Edition: 2024
  • Cover: Paperback
  • ISBN: 9789334133899
  • Weight: 150 Gms.
Description

मनुस्मृति को जानें (Manusmriti Ko Jane)

डॉ० सुरेन्द्र कुमार के अनुसन्धान के अनुसार, वर्तमान मनुस्मृति में 2685 श्लोकों में से 1471 श्लोक मिलावटी और 1214 श्लोक ही मौलिक हैं। यही मिलावटी श्लोक मनुस्मृति के विषय में भ्रान्तियों का कारण है। इसलिए इन मिलावटी श्लोकों को हटाकर सत्य श्लोकों को स्वीकार कीजिये। डॉ अम्बेडकर ने मिलावटी 1471 श्लोकों में से 88 प्रतिशत श्लोकों का प्रयोग अपने लेखन में किया है। इससे यही सिद्ध होता है कि डॉ० अम्बेडकर की मनुस्मृति के विषय में मान्यताएं मिलावटी अशुद्ध मनुस्मृति पर आधारित हैं।

आर्य समाज के विद्वान् डॉ० सुरेन्द्र कुमार द्वारा मनुस्मृति के विशुद्ध स्वरूप का भाष्य जनकल्याण के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। हमारे देश के सभी बुद्धिजीवियों का निष्पक्ष होकर उसे स्वीकार करना चाहिए।

इस पुस्तक में इस समाधान को विस्तार से समझाया गया है। स्वामी दयानन्द लिखते हैं-

मनुष्य जन्म का होना सत्यासत्य का निर्णय करने कराने के लिये है; न कि वाद-विवाद, विरोध करने कराने के लिये।

मनुवाद, ब्राह्मणवाद चिल्लाने से कुछ नहीं होगा। बुद्धिपूर्वक यत्न करने में सभी का हित है।

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