महारानी सीता (रामायण के आधार पर सीता का जीवनचरित) Maharani Sita (Biography of Sita based on Ramayana)
₹200.00
- Author: Acharya Vedavrat Shastri, Swami Omanand Saraswati
- Language: Hindi
- Pages: 172
- Edition: 2011
- Cover: Paperback
- Weight: 215 Gms.
प्राक्कथन
स्वामी ओमानन्द सरस्वती ने वाल्मीकि रामायण के आधार पर जुलाई १९७० ई० में महारानी सीता का जीवनचरित लिखना प्रारम्भ किया था किन्तु वे इसे पूरा नहीं लिख पाये। उनके द्वारा हस्तलिखित कापियां मुझे विरजानन्द दैवकरणि द्वारा मिली हैं उनमें रामचन्द्र जी के वनवास की आज्ञा से लेकर राम का वनगमन, सीताहरण आदि वर्णन की कापी नं० ५ नहीं मिली, वह मैंने लिखकर पूरी की है।
इसके पश्चात् राम के सुग्रीव मिलन से हनुमान् द्वारा लंका में विध्वंस तक का वर्णन कापी नं० ६ में मिला है। इससे आगे हनुमान् द्वारा सीता की खोज करके वापस आने, समुद्र पर सेतु-निर्माण करके समुद्र पार करके युद्ध आदि का वर्णन तथा राम का वापस अयोध्या में आने आदि का अन्तिम जीवनचरित भी मैंने ही लिखकर पूरा किया है।
पाठक सीता के इस जीवनचरित को पढेंगे तो सीता की उत्पत्ति, सीता की अग्निपरीक्षा आदि सम्बन्धी धारणा बदलेगी। सीता ने पतिव्रत-धर्मपालन के लिए जो कष्ट सहन किये वे भी अद्वितीय और अनुकरणीय हैं। हनुमान् सुग्रीव आदि बन्दर नहीं अपितु वेदादि शास्त्रों के ज्ञाता क्षत्रिय राजा थे। इसी प्रकार जटायु भी पक्षी नहीं अपितु महान् योद्धा था।
कई लाख वर्ष प्राचीन इतिहास का वर्णन करनेवाले आदिकाव्य रामायण में हमारा प्राचीन इतिहास और आदर्श सुरक्षित हैं। कुछ प्रक्षेपों को छोड़कर महर्षि वाल्मीकिकृत रामायण हमारे प्राचीन आदर्श, मर्यादा और कत्तर्व्यपालन के उपदेशों से भरपूर ग्रन्थ है। पढ़ें और लाभ उठावें।
-वेदव्रत शास्त्री
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