दैनन्दिन योगाभ्यासक्रम Dainandin Yogabhyaskarm
₹150.00 Original price was: ₹150.00.₹110.00Current price is: ₹110.00.
- Author: Acharya Balkrishan
- Language: Hindi
- Pages: 112
- Edition: 2025
- Cover: Paperback
- ISBN: 9788189235987
- Weight: 146 Gms.
इस पैकेज की विशेषता यह है कि इसमें योग और व्यायाम का अत्यन्त सुन्दर समायोजन किया गया है; साथ ही सम्पूर्ण अभ्यास से सम्बद्ध आवश्यक विधि-विधान, निर्देश और यथासम्भव सुन्दर चित्रावली का भी समावेश किया गया है।
अत्यन्त व्यस्ततम जीवन जीने वाले लोगों को ध्यान में रखते हुए उन्हें भी इस पैकेज से पूर्ण लाभमिल सके, एतदर्थ पुस्तक के प्रारम्भ में ही ‘दैनन्दिन योगाभ्यास सारणी’ शीर्षक के अन्तर्गत मात्र ४५ मिनट का विशेष अनुसन्धान करके एक सम्पूर्ण पैकेज प्रस्तुत किया गया है। आधुनिक भाग-दौड़ से युक्त व्यस्ततम जीवन में प्रत्येक आयु-वर्ग के लोगों को कम से कम समय में पूर्ण आरोग्य बनाये रखने के लिए तथा अपने रोगों को समूल नष्ट करने के लिए श्रद्धेय स्वामी जी द्वारा निर्धारित योग पैकेज का स्थान कोई दूसरा नहीं ले सकता।
वैज्ञानिक अनुसंधान पर आधारित साहित्य
आचार्य श्री की लेखनी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उनकी प्रत्येक पुस्तक वैज्ञानिक प्रमाणों (Scientific Proofs) के साथ आती है। वे केवल प्राचीन ज्ञान को दोहराते नहीं हैं, बल्कि उसे आधुनिक प्रयोगशालाओं में परीक्षित कर, वैज्ञानिक तथ्यों के साथ पाठकों के सामने रखते हैं। यही कारण है कि उनकी पुस्तकें आज के शिक्षित और तार्किक समाज के बीच अत्यंत लोकप्रिय हैं।योग और आयुर्वेद का खोजपूर्ण संकलन
आचार्य बालकृष्ण जी की पुस्तकें आयुर्वेद, जड़ी-बूटी और योग के रहस्यों को उजागर करती हैं। उनके साहित्य में निम्नलिखित बिंदु प्रमुखता से मिलते हैं:- अद्भुत और खोजपूर्ण सामग्री: उनकी पुस्तकें दुर्लभ जड़ी-बूटियों और उनके गुणों पर आधारित हैं, जो सदियों पुराने ज्ञान को सरल भाषा में उपलब्ध कराती हैं। प्रमाणिक उपचार: 'विश्व आयुर्वेद कोष' (World Herbal Encyclopedia) जैसे महान ग्रंथ इस बात का प्रमाण हैं कि उन्होंने आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दी है। स्वस्थ जीवन का मार्ग: योग और प्राणायाम पर उनकी पुस्तकें केवल क्रियाएँ नहीं सिखातीं, बल्कि उनके शरीर पर होने वाले सूक्ष्म प्रभावों की वैज्ञानिक व्याख्या भी करती हैं।स्वाध्याय: जीवन परिवर्तन की कुंजी
कहा जाता है कि अच्छी पुस्तकें हजारों मित्रों के बराबर होती हैं। आचार्य जी के साहित्य का स्वाध्याय (Self-study) करना हर उस व्यक्ति के लिए अनिवार्य है जो प्राकृतिक चिकित्सा और भारतीय संस्कृति में विश्वास रखता है।"आचार्य बालकृष्ण जी का साहित्य पढ़ने का अर्थ है—अपने शरीर, मन और स्वास्थ्य को गहराई से समझना।" यदि आप अपने जीवन में पूर्ण स्वास्थ्य और वैचारिक स्पष्टता चाहते हैं, तो आचार्य बालकृष्ण जी की पुस्तकों को अपने पुस्तकालय का हिस्सा अवश्य बनाएँ। उनकी पुस्तकें न केवल ज्ञान का भंडार हैं, बल्कि एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण का आधार भी हैं।
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