अरब में सात साल Arab Mein Saat Shal (Arab Mein Vaidik Dharma Ka Prachar)
₹150.00
- Author: Pt Ruchiram Aryopdeshak
- Language: Hindi
- Publication: Satya Dharma Prakashan
- Pages: 140
- Edition: 2015
- Cover: Paperback
- Weight: 160 Gms.
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अरब में सात साल अर्थात् (अरब में वैदिक धर्म का प्रचार)
Arab Mein Saat Shal Arthat (Arab Mein Vaidik Dharma Ka Prachar)
आर्य मित्रों से
ऐसे समय में जब कि आर्यसमाज का डङ्का देश के कोने-कोने में बज रहा है और हिन्दू मात्र इसके अधिकाधिक प्रचार की आवश्यकता अनुभव कर रहा है, हमें उचित है कि विदेशों में भी इसके प्रचार की ओर ध्यान दें। मैंने सात वर्ष पैदल चलकर अरब में वैदिक धर्म का प्रचार किया और कई एक स्थानों पर आर्य-समाजें स्थापित कीं। इस लम्बे प्रचार के बाद मैं कह सकता हूँ कि आर्यसमाज के प्रचार के लिए अरब और अन्य इस्लामी देशों में एक विस्तृत क्षेत्र विद्यमान है।
इस पुस्तक में मैंने बतलाया है कि हम किस प्रकार अरब आदि देशों में प्रचार कर सकते हैं और वहां जाने-आने के मार्ग कौन-कौन से हैं।
मैंने जो कुछ प्रचार वहां किया है उसे केवल अंकुर स्वरूप ही समझना चाहिये। मैं अरब के किसी एक शहर में बैठ कर प्रचार करना नहीं चाहता था। मेरी यात्रा का अभिप्राय केवल यह देखना था कि हम किस प्रकार अरब की भूमि में वैदिक धर्म का प्रचार कर सकते हैं। जहां-जहां मेरा प्रभाव पड़ चुका है, आर्यसमाजें स्थापित हो चुकी हैं, वहां भी भारतवर्ष से उपदेशकों का जाना आवश्यक है। अब आर्य पुरुषों और सभाओं का धर्म है कि वे अरब में प्रचार के कार्य में मेरा हाथ बटावें।
मैं जब से अरब से लौटा हूँ तब से मेरी यह प्रबल इच्छा रही है कि एक बार फिर अरब में जाकर उस पौधे को सीचूँ, जिसका बीज मैंने पिछले सात वर्ष में वहां की भूमि में डाला है। इधर पिछले कई मास के अनुभव से मुझे ज्ञात हुआ है कि यदि मैं इस कार्य में सहायता के लिए किसी व्यक्ति विशेष अथवा सभा पर निर्भर रहा तो मेरी यह इच्छा न जाने कब पूर्ण हो। इसलिए मैंने निश्चय कर लिया है कि पहले की तरह केवल ईश्वर पर भरोसा रखकर निकट भविष्य में अरब में वैदिक धर्म के प्रचार के लिए जाऊंगा।
– रुचिराम आर्योपदेशक
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