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Upchar Paddhti
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| AUTHOR: | Acharya Balkrishna (आचार्य बालकृष्ण) |
| SUBJECT: | Upchar Paddhti | उपचार पद्धति |
| CATEGORY: | Ayurveda |
| LANGUAGE: | Hindi |
| EDITION: | 2024 |
| PAGES: | 252 |
| ISBN: | 9789395287654 |
| PACKING: | Hard Cover |
| WEIGHT: | 515 g. |
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Upchar Paddhti
अपने सुदीर्घ चिकित्सकीय अनुभव एवं आयुर्वेद के गहन अध्ययन के आधार पर योगऋषि परम पूज्य स्वामी जी महाराज ने विशाल आयुर्वेद सागर का सारभूत अमृततत्त्व प्रस्तुत कर दिया है।
इस पुस्तक में संक्षिप्त किन्तु प्रामाणिक रूप से किया गया आयुर्वेदीय चिकित्सा एवं मुख्य सिद्धांत का वर्णन बहुत ही सुगम व सर्वजनोपयोगी है।
यह आयुर्वेद जगत के लिए विशेष रूप से उपादेय एवं स्पृहणीय है।
आयुर्वेद के प्रणेता प्राचीन ऋषियों की संहिताओं के आलोक में इस जीवन्त चिकित्सा पद्धति में चिरानुभूत तथ्य एवं नित्य नये अन्वेक्षण प्रकट होते रहे हैं ।
लुप्त हो चुके महत्त्वपूर्ण संहिता ग्रन्थों के उदाहरण आयुर्वेदीय वाङ्गमय में यत्र-तत्र बिखरे पड़े हुए थे, जिन्हें पिछले 30 वर्षों से भी अधिक समय में प्रयत्नपूर्वक संकलित कर युग पुरुषों ने जीवनदायिनी दिव्य औषधियों के निर्माण करने में अखण्ड-प्रचण्ड पुरुषार्थ किया है
योग, यज्ञ, आयुर्वेद एवं नेचुरोपैथी की सभी उपचार पद्धतियों का एक साथ पूर्ण समावेश करते हुए लगभग 250 प्रकार की विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों (थैरेपी) का पुस्तिका में समावेश है।
चिकित्सा के सभी अंगों के उत्तमोत्तम चयनित उपचार के विषय में सर्वोत्तम जानकारी प्रदान की गई है। इस चिकित्सा विधि के साथ-साथ ही इस पुस्तक में स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य-रक्षण हेतु एवं व्याधित रोगी के रोग प्रशमनार्थ चिकित्सा के अनेक उपायों की जानकारी भी दी गई है।
जो प्रत्येक आरोग्याभिलाषी के लिए अत्यन्त लाभकारी है। इसमें त्रिदोष के शोधन हेतु योग, यज्ञ, प्राकृतिक चिकित्सा, पंचकर्म चिकित्सा, षट्कर्म चिकित्सा का भी सामान्य परिचय दिया गया है, जो आयुर्वेदीय चिकित्सा-पद्धति का एक महत्त्वपूर्ण एवं प्रभावशाली अंग है। सामान्यजन भी इस संक्षिप्त एवं सरल पुस्तक को पढ़कर आयुर्वेदीय चिकित्सा पद्धति एवं सिद्धान्तों से भली-भाँति परिचित हो सकते हैं एवं तदानुसार अपने जीवन को स्वस्थ व सुखी बना सकते हैं। इस प्रकार बहुमूल्य जानकारी से युक्त यह पुस्तक जनसामान्य एवं चिकित्सको के लिए बहुत ही उपादेय है।
इस दिव्य पुस्तक ने जहाँ एक ओर आयुर्वेदिक चिकित्सा जगत में क्रान्ति पैदा कर दी है वहीं दूसरी और इस चिकित्सा पद्धति को नई ऊँचाइयाँ भी प्रदान की हैं । यह पुस्तक आयुर्वेदिक चिकित्सा कर रहे लाखों वैद्यों के प्रशिक्षण की प्रमुख आधार शिला के रूप में भी प्रस्तुत है ।
प्रशिक्षण प्राप्त करने के पश्चात आज वर्तमान में परम पूज्य स्वामी जी महाराज के महान नेतृत्व में देशभर में हजारों वैद्य आयुर्वेद चिकित्सा को नित्य नई ऊँचाइयाँ प्रदान कर रहें हैं और अपने – अपने क्षेत्रों में इस चिकित्सा पद्धति से निःशुल्क चिकित्सा परामर्श कर जन समाज को आरोग्य प्रदान कर राष्ट्र सेवा का महान कार्य कर रहें है ।
इस पुस्तक ने लोगों में एक नई सोच पैदा करके , परम्परागत आयुर्वेदीय चिकित्सा पद्धति को नई उड़ान दी है । हमें गागर में सागर भरने वाली इस सारगर्भित एवं चिकित्सा के लिए विश्व प्रसिद्ध पुस्तक का नवीन परिवर्धित एवं परिष्कृत संस्करण प्रस्तुत करते हुए अत्यन्त प्रसन्नता की अनुभूति हो रही है ।
| Author | Acharya Balkrishan |
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वैज्ञानिक अनुसंधान पर आधारित साहित्य
आचार्य श्री की लेखनी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उनकी प्रत्येक पुस्तक वैज्ञानिक प्रमाणों (Scientific Proofs) के साथ आती है। वे केवल प्राचीन ज्ञान को दोहराते नहीं हैं, बल्कि उसे आधुनिक प्रयोगशालाओं में परीक्षित कर, वैज्ञानिक तथ्यों के साथ पाठकों के सामने रखते हैं। यही कारण है कि उनकी पुस्तकें आज के शिक्षित और तार्किक समाज के बीच अत्यंत लोकप्रिय हैं।योग और आयुर्वेद का खोजपूर्ण संकलन
आचार्य बालकृष्ण जी की पुस्तकें आयुर्वेद, जड़ी-बूटी और योग के रहस्यों को उजागर करती हैं। उनके साहित्य में निम्नलिखित बिंदु प्रमुखता से मिलते हैं:- अद्भुत और खोजपूर्ण सामग्री: उनकी पुस्तकें दुर्लभ जड़ी-बूटियों और उनके गुणों पर आधारित हैं, जो सदियों पुराने ज्ञान को सरल भाषा में उपलब्ध कराती हैं। प्रमाणिक उपचार: 'विश्व आयुर्वेद कोष' (World Herbal Encyclopedia) जैसे महान ग्रंथ इस बात का प्रमाण हैं कि उन्होंने आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दी है। स्वस्थ जीवन का मार्ग: योग और प्राणायाम पर उनकी पुस्तकें केवल क्रियाएँ नहीं सिखातीं, बल्कि उनके शरीर पर होने वाले सूक्ष्म प्रभावों की वैज्ञानिक व्याख्या भी करती हैं।स्वाध्याय: जीवन परिवर्तन की कुंजी
कहा जाता है कि अच्छी पुस्तकें हजारों मित्रों के बराबर होती हैं। आचार्य जी के साहित्य का स्वाध्याय (Self-study) करना हर उस व्यक्ति के लिए अनिवार्य है जो प्राकृतिक चिकित्सा और भारतीय संस्कृति में विश्वास रखता है।"आचार्य बालकृष्ण जी का साहित्य पढ़ने का अर्थ है—अपने शरीर, मन और स्वास्थ्य को गहराई से समझना।" यदि आप अपने जीवन में पूर्ण स्वास्थ्य और वैचारिक स्पष्टता चाहते हैं, तो आचार्य बालकृष्ण जी की पुस्तकों को अपने पुस्तकालय का हिस्सा अवश्य बनाएँ। उनकी पुस्तकें न केवल ज्ञान का भंडार हैं, बल्कि एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण का आधार भी हैं।No account yet?
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